गिरते बाजार में क्यों चढ़ रहे हैं ओला इलेक्ट्रिक के शेयर, एक सप्ताह में 20% तक भागे

पिछले एक सप्ताह में शेयर बाजार लगातार गिरा है लेकिन इसके विपरीत ओला इलेक्ट्रिक के शेयर लगातार चढ़े हैं। ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के स्टॉक्स बीते एक हफ्ते में 20 फीसदी तक की तेजी दिखा चुके है। 25 अगस्त से ओला के शेयरों में इस तेजी का सिलसिला शुरू हुआ, उस वक्त ओला के शेयर 4.49 रुपय के स्तर पर थे और अब इनका प्राइस 56.25 रुपये हो गया है।
ओला के शेयरों में तेजी की यह वजह कंपनी में नीतिगत बदलावों और कंपनी के अंदर हो रहे डेवलपमेंट के कारण आई है। इनमें कंपनी को जनरेशन 3 स्कूटर पोर्टफोलियो के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (पीएलआई) सर्टिफिकेशन मिलना सबसे प्रमुख रहा है।
स्कूटर के लिए सरकार से मिला सर्टिफिकेशन
ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी ने 26 अगस्त को एक्सचेंज को दी जानकारी में बताया कि कंपनी को भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत ऑटोमोटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया (ARAI) द्वारा ऑटोमोबाइल और ऑटो कंपोनेंट्स के लिए PLI योजना के तहत अनुपालन प्रमाणन प्राप्त हो गया है।
यह अनुमोदन ओला के S1 जनरेशन 3 लाइन-अप के सभी सात स्कूटरों पर लागू होता है – जिनमें S1 प्रो 3 kWh, S1 प्रो 4 kWh, S1 प्रो+ 4 kWh, S1 X 2 kWh, S1 X 3 kWh, S1 X 4 kWh और S1 X+ 4 kWh शामिल हैं।
कंपनी ने बताया कि उसके जनरेशन 2 और जनरेशन 3 दोनों स्कूटर अब पीएलआई-प्रमाणित हैं। चूंकि,
ओला की मौजूदा बिक्री में जनरेशन 3 रेंज का बड़ा हिस्सा होने के कारण, प्रबंधन को उम्मीद है कि इस प्रमाणन से वित्त वर्ष 26 की दूसरी तिमाही से कंपनी की प्रॉफेटिबिलीटी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
बेहतर है इलेक्ट्रिक स्कूटर का भविष्य
सरकारी अनुमान बताते हैं कि 2030 तक इलेक्ट्रिक स्कूटरों की बिक्री 80 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। ऐसे में ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए यह एक बेहतर अवसर है। ओला के फाउंडर भाविश अग्रवाल ने भारत के इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन बाज़ार के 25-30 प्रतिशत हिस्से पर कब्ज़ा करने की कंपनी की महत्वाकांक्षा दोहराई है।