उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में एक बार फिर शनिवार को तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी है। वहीं केदारनाथ धाम में कल से बर्फबारी का सिलसिला जारी है। 22 अप्रैल को धाम के कपाट खुलने हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून समेत टिहरी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिले के कुछ हिस्सों में बिजली चमकने और ओलावृष्टि के अलावा 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तूफान चलने का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की वजह से मौसम में इस तरह के बदलाव देखने को मिल रहे हैं। पर्वतीय इलाकों में मौसम बदलने से मैदानी इलाकों के तापमान में भी असर देखने को मिलेगा। इससे गर्मी से राहत मिलने के आसार हैं।
आने वाले दिनों की बात करें तो नौ अप्रैल तक प्रदेशभर में मौसम का मिजाज बदला रहने के आसार हैं। उधर, शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और हवा के चलने से मैदानों का तापमान सामान्य रहा, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों का तापमान सामान्य से नीचे दर्ज किया गया।
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने सावधानी बरतने का भेजा पत्र
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने मौसम विभाग के शनिवार को कुछ जिलों में मौसम के आरेंज और कुछ जिलों में यलो अलर्ट के द़ृष्टिगत जिलाधिकारियों को सावधानी बरतने का पत्र भेजा है। इसमें मौसम की स्थिति को देखते हुए पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग गतिविधियों को प्रतिकूल मौसम होने पर प्रतिबंधित या नियंत्रित करने को कहा गया है। संवेदनशील क्षेत्र में आवागमन को नियंत्रित करते हुए हर स्तर पर सतर्कता बरतने का उल्लेख किया गया है। आपदा प्रबंधन की आईआरएस प्रणाली के तहत नामित सभी अधिकारी, विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट पर रहने और राजस्व उप निरीक्षकों को क्षेत्र में सक्रिय उपस्थिति बनाने को भी कहा गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने लोगों को मौसम संबंधी चेतावनियों को गंभीरता से लेने, सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की है।




