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गोवा में समुद्र तटों पर विदेशियों संग जबरन सेल्फी लेने वालों की खैर नहीं

गोवा पुलिस ने राज्य के बीचों पर सख्ती बढ़ा दी है। अब किसी भी पर्यटकचाहे वह भारतीय हो या विदेशी उनकी बिना अनुमति फोटो खींचने या जबरन सेल्फी लेने पर पुलिस कार्रवाई कर सकती है। यह फैसला लगातार मिल रही शिकायतों और सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो को देखते हुए लिया गया है।

क्या है नया नियम?

पुलिस के मुताबिक, बिना सहमति फोटो खींचना, वीडियो बनाना या जबरन सेल्फी लेना अब गंभीर मामला माना जाएगा, खासकर जब इससे किसी की निजता भंग हो या महिलाओं को परेशान किया जाए।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हाल के दिनों में ऐसे वीडियो सामने आए हैं, जिनमें कुछ लोग विदेशी महिलाओं से जबरदस्ती सेल्फी लेने की कोशिश करते दिखे। ऐसे मामलों में पुलिस अब सख्त कार्रवाई करेगी और दोषी पाए जाने पर 24 घंटे तक की निवारक हिरासत में लिया जा सकता है।

किन कानूनों के तहत होगी कार्रवाई?

इस कार्रवाई को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 170 के तहत किया जा रहा है। इस धारा के तहत कुछ मामलों में बिना वारंट हिरासत में लेने का प्रावधान है।

शुक्रवार को इसी कानून के तहत उत्तर गोवा के बागा बीच पर तमिलनाडु से आए दो पुरुष पर्यटकों को हिरासत में लिया गया। आरोप है कि वे पर्यटकों की तस्वीरें खींच रहे थे और उन्हें परेशान कर रहे थे।

बीचों पर गश्त बढ़ाई गई

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऐसी घटनाएं गोवा जैसे पर्यटन राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाती हैं। इसी वजह से खासतौर पर उत्तर गोवा के समुद्र तटीय इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। पुलिस का कहना है कि हाल ही में घरेलू पर्यटकों द्वारा विदेशी महिलाओं से जबरन सेल्फी लेने के कई मामले सामने आए थे, जिसके बाद यह सख्ती जरूरी हो गई।

कैलंगुट बीच पर एक व्यक्ति, अलिस्टो लोबो, के खिलाफ FIR दर्ज की गई। आरोप है कि उसने एक महिला पर्यटक के तैरते समय बिना उसकी अनुमति वीडियो बनाया और सोशल मीडिया पर फैलाया।

पुलिस ने उसके खिलाफ महिला की मर्यादा भंग करने और मानहानि से जुड़े प्रावधानों के तहत कार्रवाई की है। इसके अलावा ओडिशा से आए दो पर्यटकोंआकाश मिनाज और ध्यान तप्पो पर एक रूसी महिला को परेशान करने, जबरन फोटो खींचने और अनुचित तरीके से छूने के आरोप लगाए गए हैं।

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