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	<title>देश-विदेश &#8211; Badalta Swarup | बदलता स्वरुप</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Wed, 06 May 2026 12:30:04 +0000</lastBuildDate>
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		<title>केरलम में तीन सीटें जीतकर भाजपा ने रचा इतिहास</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 12:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ केरलम विधानसभा चुनाव में पहली बार तीन सीटें जीतकर इतिहास रचने वाली भाजपा छह निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही। इन छह सीटों में तिरुवल्ला, पलक्कड, मालमपुझा, अटिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर सीट शामिल हैं। तिरुवल्ला में भाजपा के राज्य महासचिव अनूप एंटनी 43,078 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और केरल कांग्रेस (केईसी) &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="713" height="400" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/56-6.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/56-6.jpg 713w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/56-6-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 713px) 100vw, 713px"></p>
<p> केरलम विधानसभा चुनाव में पहली बार तीन सीटें जीतकर इतिहास रचने वाली भाजपा छह निर्वाचन क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही। इन छह सीटों में तिरुवल्ला, पलक्कड, मालमपुझा, अटिंगल, कासरगोड और मंजेश्वर सीट शामिल हैं।</p>
<p>तिरुवल्ला में भाजपा के राज्य महासचिव अनूप एंटनी 43,078 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे और केरल कांग्रेस (केईसी) के एडवोकेट वर्गीस माम्मेन से 10,146 के अंतर से हार गए। 2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में भाजपा के मत प्रतिशत में वृद्धि हुई।</p>
<h2 class="wp-block-heading">2021 में कितने प्रतिशत वोट मिले?</h2>
<p>2021 में भाजपा 16.25 प्रतिशत वोटों के साथ तीसरे स्थान पर रही थी, जबकि इस बार उसे 30.61 प्रतिशत वोट मिले हैं।</p>
<p>पलक्कड में पार्टी की वरिष्ठ नेता शोभा सुरेंद्रन शुरुआती दौर में कांटे की टक्कर के बाद यूडीएफ के रमेश पिशारोडी से 13,147 वोटों से हार गईं। उन्हें 49,052 वोट मिले, जबकि पिशारोडी को 62,199 वोट मिले।</p>
<p>अटिंगल में एडवोकेट पी. सुधीर 45,788 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे। वह माकपा की ओएस अंबिका से 13,375 वोटों से हार गए।</p>
<p>2021 के विधानसभा चुनावों की तुलना में इस निर्वाचन क्षेत्र में भाजपा के वोट शेयर में वृद्धि हुई।</p>
<p>मालमपुझा में सी. कृष्णकुमार, कासरगोड में अश्विनी एमएल और मंजेश्वर में के. सुरेंद्रन दूसरे स्थान पर रहे।</p>
</div>
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		<title>बंगाल में चुनाव बाद हिंसा: BJP के दो और TMC के एक कार्यकर्ता की मौत</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159994/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 12:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा में मंगलवार को भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई। बताया गया कि भाजपा के विजय &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="707" height="394" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/76-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p> बंगाल में चुनाव नतीजों के बाद भड़की हिंसा में मंगलवार को भाजपा के दो और तृणमूल कांग्रेस के एक कार्यकर्ता की अलग-अलग घटनाओं में मौत हो गई। न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई किए जाने के बाद मौत हो गई।</p>
<p>बताया गया कि भाजपा के विजय जुलूस के दौरान बहस के बाद उस पर हमला हुआ। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने इलाके में टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया और सड़क जाम किया। हालात काबू में करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।</p>
<h2 class="wp-block-heading">टीएमसी ने भाजपा पर लगाया आरोप</h2>
<p>वहीं, बीरभूम जिले के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की कथित तौर पर भाजपा कार्यकर्ताओं द्वारा हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उस पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है।</p>
<p>टीएमसी के नानूर से निर्वाचित विधायक विधान माझी ने आरोप लगाया कि भाजपा के गुंडों ने इस हत्या को अंजाम दिया, जबकि भाजपा नेता श्यामापद मंडल ने आरोपों को खारिज करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके अलावा, हावड़ा के उदय नारायणपुर में भी यादव बर नामक एक अन्य भाजपा कार्यकर्ता की मौत की घटना सामने आई है। उसकी पत्नी ने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और गुलाल खेलने के कारण उस पर हमला किया गया।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कई हिस्सों में तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं</h2>
<p>इसके अलावा राज्य के कई हिस्सों में तोड़फोड़ और हिंसा की घटनाएं भी हुईं। टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने तोड़फोड़ की। कस्बा के रूबी क्रासिंग पर टीएमसी पार्षद के दफ्तर में भी हमला किया गया। इसके अलावा हावड़ा, उत्तर 24 परगना, मुर्शिदाबाद समेत कई जिलों में पार्टी कार्यालयों में आगजनी और हमले की खबरें हैं, हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है।</p>
<p>तृणमूल कांग्रेस ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा का आरोप लगाया है, जबकि भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि यह टीएमसी के अंदरूनी गुटों की लड़ाई का नतीजा हो सकता है। निर्वाचन आयोग ने घटनाओं पर सख्त रुख अपनाते हुए स्थानीय पुलिस से रिपोर्ट तलब की है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>ऑपरेशन एपिक फ्यूरी पर US विदेश मंत्री का एलान</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159996/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 06 May 2026 12:30:04 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के बड़े सैन्य अभियान अब खत्म हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अपने सभी लक्ष्य पूरे करने के बाद समाप्त कर दिया गया है। हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="728" height="398" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/5-12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि ईरान के खिलाफ अमेरिका के बड़े सैन्य अभियान अब खत्म हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा चलाया गया ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ अपने सभी लक्ष्य पूरे करने के बाद समाप्त कर दिया गया है।</p>
<p>हालांकि उन्होंने यह नहीं कहा कि यह टकराव पूरी तरह खत्म हो गया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए रुबियो ने कहा कि अमेरिका किसी नए संघर्ष की स्थिति नहीं चाहता और शांति का रास्ता बेहतर मानता है।</p>
<p>लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि शांति के लिए ईरान को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप की परमाणु कार्यक्रम से जुड़ी मांगें माननी होंगी और होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना होगा। रुबियो ने हाल के टकरावों को ‘रक्षात्मक’ बताया और कहा कि अमेरिका की कार्रवाई केवल अपने हितों की सुरक्षा के लिए है, हमला करने के लिए नहीं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">होर्मुज बना तनाव का केंद्र</h2>
<p>होर्मुज जलडमरूमध्य, जो दुनिया में तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद अहम रास्ता है, इस समय तनाव का बड़ा कारण बना हुआ है। अमेरिका इस रास्ते को दोबारा खोलने की कोशिश कर रहा है ताकि फंसे हुए जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके।</p>
<p>अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा कि अमेरिका शांतिपूर्ण तरीके से जहाजों को बाहर निकालना चाहता है, लेकिन जरूरत पड़ने पर कार्रवाई के लिए तैयार है। अब तक केवल दो जहाज ही इस रास्ते से गुजर पाए हैं, जबकि कई जहाज अब भी खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।</p>
<p>रुबियो ने बताया कि करीब 23 हजार नाविक इस क्षेत्र में फंसे हुए हैं और उनकी स्थिति बेहद खराब है। उन्होंने ईरान पर आरोप लगाया कि वह इस रास्ते को रोककर दुनिया को नुकसान पहुंचा रहा है।</p>
<h2 class="wp-block-heading">चीन और अन्य देशों की भूमिका पर नजर</h2>
<p>रुबियो ने उम्मीद जताई कि चीन, ईरान पर दबाव डालेगा ताकि वह जलडमरूमध्य को खोले। उनका कहना है कि इस स्थिति से चीन को भी नुकसान हो रहा है क्योंकि उसकी अर्थव्यवस्था इस रास्ते से होने वाले व्यापार पर निर्भर है।</p>
<p>उन्होंने यह भी कहा कि कई देश इस संकट को हल करने में मदद करना चाहते हैं, लेकिन उनके पास जरूरी सैन्य क्षमता नहीं है। इसलिए इस जिम्मेदारी का बड़ा हिस्सा अमेरिका पर ही है।</p>
<p>इस बीच, संघर्षविराम अभी भी जारी है, लेकिन स्थिति पूरी तरह साफ नहीं है। संयुक्त अरब अमीरात ने ईरान पर हमलों का आरोप लगाया है, जबकि ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। कुल मिलाकर, युद्ध भले ही धीमा पड़ा हो, लेकिन तनाव अब भी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>होर्मुज में फंसे जहाजों के लिए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ का एलान</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159950/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 09:30:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे वाणिज्यिक जहाजों की मदद के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसका नाम ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रखा है। ट्रंप ने दावा किया है कि यह पहल दुनिया भर के उन देशों के लिए है, जिन्होंने अमेरिकी सहायता मांगी है ताकि वे &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="831" height="468" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/4-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/4-3.jpg 831w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/4-3-768x433.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/4-3-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 831px) 100vw, 831px"></p>
<p>अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे वाणिज्यिक जहाजों की मदद के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। डोनाल्ड ट्रंप ने इसका नाम ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ रखा है। ट्रंप ने दावा किया है कि यह पहल दुनिया भर के उन देशों के लिए है, जिन्होंने अमेरिकी सहायता मांगी है ताकि वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से अपने जहाजों को सुरक्षित निकाल सकें।</p>
<p>डोनाल्ड ट्रंप ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में बताया कि दुनिया भर के कई देशों ने अमेरिका से होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे अपने जहाजों को सुरक्षित निकालने में मदद करने का अनुरोध किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ये देश पश्चिम एशिया में चल रहे विवाद में किसी भी तरह से शामिल नहीं हैं।</p>
<p><strong>फंसे जहाजों को निकालेंगे बाहर : ट्रंप<br /></strong>अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, “ईरान, पश्चिम एशिया और अमेरिका के हित में, हमने इन देशों को सूचित किया है कि हम उनके जहाजों को इन प्रतिबंधित जलमार्गों से सुरक्षित रूप से बाहर निकालेंगे, ताकि वे स्वतंत्र रूप से अपना व्यवसाय कर सकें।”</p>
<p><strong>अमेरिकी राष्ट्रपति ने बताया मानवीय प्रयास<br /></strong>ट्रंप ने इस पहल को एक मानवीय प्रयास बताया, जिसका उद्देश्य चालक दल और वाणिज्यिक शिपिंग की सुरक्षा करना है। उन्होंने कहा, “यह अमेरिका, पश्चिम एशियाई देशों और विशेष रूप से ईरान की ओर से एक मानवीय इशारा है।” उन्होंने यह भी बताया कि कई जहाजों में भोजन और अन्य आवश्यक सामग्री की कमी हो रही है, जो बड़े चालक दल के सदस्यों के लिए स्वस्थ और स्वच्छ तरीके से वहां रहने के लिए जरूरी है।</p>
<p><strong>सोमवार सुबह से शुरू होगा अभियान<br /></strong>‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ के तहत जहाजों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया सोमवार सुबह (पश्चिम एशियाई समय) से शुरू होगी। राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि उनके प्रतिनिधि ईरान के साथ बहुत सकारात्मक चर्चा कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह कदम उन लोगों, कंपनियों और देशों को मुक्त करने के लिए है जिन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है। उन्होंने कहा कि ये लोग परिस्थितियों के शिकार हैं।</p>
<p><strong>ट्रंप ने दखलंदाजी पर दी सख्त चेतावनी<br /></strong>राष्ट्रपति ट्रंप ने इस मानवीय प्रक्रिया में किसी भी तरह की दखलंदाजी के खिलाफ सख्त चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा, “अगर किसी भी तरह से इस मानवीय प्रक्रिया में बाधा डाली जाती है, तो दुर्भाग्य से उस हस्तक्षेप से बलपूर्वक निपटना होगा।”</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>पीएम मोदी चुनाव नतीजे का जश्न BJP मुख्यालय में मनाएंगे</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159948/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 04 May 2026 09:30:26 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब सात बजे भाजपा मुख्यालय जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी चुनाव नतीजे का जश्न मनाने आज भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मनाएंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम समेत पांच राज्यों में मतगणना जारी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="831" height="465" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/65-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/65-1.jpg 831w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/05/65-1-768x430.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 831px) 100vw, 831px"></p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम करीब सात बजे भाजपा मुख्यालय जाएंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक पीएम मोदी चुनाव नतीजे का जश्न मनाने आज भाजपा मुख्यालय में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मनाएंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और असम समेत पांच राज्यों में मतगणना जारी है।</p>
<p>प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज शाम भाजपा मुख्यालय पहुंचेंगे। पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, असम, केरल और पुदुचेरी में कराए गए विधानसभा चुनाव के नतीजों की घोषणा के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष समारोह में पीएम मोदी पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करेंगे। समाचार एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में प्रधानमंत्री का आगमन शाम करीब 7:00 बजे निर्धारित है।</p>
<p><strong>वरिष्ठ भाजपा पदाधिकारियों के अलावा सैकड़ों कार्यकर्ताओं की मौजूदगी<br /></strong>पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य भी इस अवसर पर उपस्थित रहेंगे। प्रधानमंत्री का यह दौरा कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करेगा। रिपोर्ट्स के मुताबिक मतगणना के चार घंटे बाद भाजपा मुख्यालय में भव्य तैयारियां शुरू हो गईं। पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच जश्न का माहौल है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी समारोह के दौरान पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। प्रधानमंत्री कार्यकर्ताओं को संबोधित कर उनका मनोबल भी बढ़ाएंगे।</p>
<p><strong>बंगाल से तमिलनाडु और केरल तक बदलाव की बयार<br /></strong>भाजपा से जुड़े जानकारों और गत 12 वर्षों में चुनावों के बाद पीएम मोदी के पुराने संबोधनों को देखते हुए माना जा रहा है कि उनके संबोधन में आगामी योजनाओं और पार्टी की दिशा पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। दरअसल, बंगाल में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल करने की दिशा में बढ़ रही है। तमिलनाडु में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी- टीवीके के सामने पस्त होते दिख रहे मुख्यमंत्री एमके स्टालिन अपने 15 मंत्रियों के साथ संघर्ष कर रहे हैं। इस कारण डीएमके की सत्ता भी जाने के संकेत हैं।</p>
<p><strong>पांच राज्यों में चुनाव यानी भारत की 19 फीसदी जनता को मिलेगी नई सरकार<br /></strong>देश की करीब 19 फीसदी जनता राजनीतिक बदलाव का सामना करेगी। केंद्र शासित प्रदेश पुदुचेरी समेत पांच प्रदेशों में नई सरकार का गठन होगा। ऐसे में वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में पीएम मोदी और भाजपा का कार्यक्रम पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>अब मोदी तत्व और आरएसएस का इतिहास पढ़ेंगे छात्र</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159934/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 12:35:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[गुजरात के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व पर आधारित ”मोदी तत्व” नामक एक मॉड्यूल और आरएसएस के इतिहास को समाजशास्त्र पाठ्यक्रम में शामिल किया है, ताकि समाज पर उनके प्रभाव का अध्ययन किया जा सके। विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एमए के दो &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="708" height="403" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/4-2.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>गुजरात के महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई नेतृत्व पर आधारित ”मोदी तत्व” नामक एक मॉड्यूल और आरएसएस के इतिहास को समाजशास्त्र पाठ्यक्रम में शामिल किया है, ताकि समाज पर उनके प्रभाव का अध्ययन किया जा सके।</p>
<p>विश्वविद्यालय के समाजशास्त्र विभाग के प्रमुख डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि एमए के दो वर्षीय पाठ्यक्रम में ”देशभक्ति का समाजशास्त्र” नाम से नया कोर्स शुरू किया गया है।</p>
<p>इसका उद्देश्य ”मोदी तत्व” और सामाजिक सुधारों में अग्रणी भूमिका निभाने वाले छत्रपति शिवाजी महाराज तथा सयाजीराव गायकवाड़ तृतीय के कार्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण करना है।</p>
<p>उन्होंने कहा कि चाहे आपको पसंद हो या न हो, राजनीतिक क्षेत्र और नेतृत्व की भूमिका में प्रधानमंत्री मोदी पर चर्चा करनी ही होगी। वह एक ऐसा तत्व हैं, जो लंबे समय तक मौजूद रहेंगे। हम समाजशास्त्री मैक्स वेबर के करिश्माई नेतृत्व का अध्ययन करना चाहते थे। ऐसा व्यक्तित्व महात्मा गांधी और मार्टिन लूथर किंग में भी देखा गया था।</p>
<p>पीएम मोदी में भी उसी तरह का करिश्माई नेतृत्व दिखाई देता है। यह एक वैज्ञानिक विषय है, जिसकी पड़ताल आवश्यक है।डा. ¨सह नीति आयोग की सार्वजनिक परियोजनाओं के निगरानी कार्यक्रम से भी जुड़े रहे हैं।</p>
<p>उन्होंने कहा कि ”मोदी तत्व” में मीडिया और डिजिटल राष्ट्रवाद, नागरिकता और असहमति तथा वैश्वीकरण और पहचान की राजनीति जैसे विषयों पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा।</p>
<p>इन तीनों भागों में ”मोदी तत्व” की अवधारणा का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा और इस बात पर चर्चा की जाएगी कि वह इतने प्रसिद्ध क्यों हो रहे हैं, उनकी स्वीकार्यता इतनी व्यापक कैसे है और भारत में सबसे लंबे समय तक सत्ता में बने रहने के पीछे उनमें ऐसी क्या खास बात है।</p>
<p>प्रधानमंत्री की नीतियां, जैसे-नोटबंदी, डिजिटल क्रांति, फास्टैग, जल शक्ति मंत्रालय आदि दर्शाती हैं कि वह जनता की इच्छाओं को कितनी अच्छी तरह समझते हैं। शायद यही कारण है कि उन्हें जनता का इतना समर्थन प्राप्त है।</p>
<p>डॉ सिंह ने बताया कि इस मॉड्यूल का विचार तब आया, जब समाजशास्त्र विभाग के एमए के छात्र नीति आयोग की सार्वजनिक नीतियों के निगरानी कार्यक्रम के तहत गांवों में सर्वेक्षण कर रहे थे।</p>
<p>हमने पाया कि कुछ समूह इन गांवों में परियोजनाओं के कार्यान्वयन के लिए काम कर रहे थे और वे आरएसएस से जुड़े हुए थे। इस समूह का समाजशास्त्रीय अध्ययन आवश्यक था।</p>
</div>
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		<title>आतंकवाद पर होगा कड़ा प्रहार: राष्ट्रीय राइफल्स को मिलेंगे 159 नए ‘बुलेटप्रूफ वाहन’</title>
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		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sun, 03 May 2026 12:35:21 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तैनात राष्ट्रीय राइफल्स की क्षमता बढ़ाने के लिए 159 आधुनिक बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर (बीपीटीसी) खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सेना ने इस परियोजना के लिए भारतीय विक्रेताओं की पहचान करने के उद्देश्य से सूचना के लिए अनुरोध (आरएफआई) जारी किया है। चयनित कंपनी को अनुबंध के &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="711" height="393" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/87-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p> भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में तैनात राष्ट्रीय राइफल्स की क्षमता बढ़ाने के लिए 159 आधुनिक बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर (बीपीटीसी) खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।</p>
<p>सेना ने इस परियोजना के लिए भारतीय विक्रेताओं की पहचान करने के उद्देश्य से सूचना के लिए अनुरोध (आरएफआई) जारी किया है। चयनित कंपनी को अनुबंध के बाद हर वर्ष कम से कम 60 वाहनों की आपूर्ति करनी होगी।</p>
<p>राष्ट्रीय राइफल्स वर्तमान में पुराने वाहनों पर निर्भर है, खासकर जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान सैनिकों की आवाजाही के लिए। नए बुलेटप्रूफ ट्रूप कैरियर सैनिकों को कठिन और पहाड़ी इलाकों में सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करेंगे।</p>
<p>आरएफआई के अनुसार, इन वाहनों में पर्याप्त गतिशीलता होनी चाहिए और सवार सैनिकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए।</p>
<p>प्रस्तावित बीपीटीसी में हथियार, गोला-बारूद और संचार उपकरण समेत सीमित युद्ध सामग्री ले जाने की क्षमता भी होगी। ये वाहन सड़क पर 80 से 100 किलोमीटर प्रति घंटे तथा ऑफ-रोड 50 से 75 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ सकेंगे। मैदानी इलाकों में इनकी रेंज 350 किलोमीटर तथा पहाड़ी क्षेत्रों में 300 किलोमीटर होगी।</p>
<p>ये वाहन 5,000 मीटर की ऊंचाई तक संचालित हो सकेंगे और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के बर्फीले इलाकों में -10 डिग्री सेल्सियस से लेकर +40 डिग्री सेल्सियस तक के तापमान में भी प्रभावी ढंग से काम कर सकेंगे।</p>
<p>आरएफआई में फायरिंग पॉड्स और वाहन के हैच पर लगी मशीनगनों के जरिए सीमित फायरिंग क्षमता की भी मांग की गई है।</p>
<p>खास बात यह है कि सेना इन बुलेटप्रूफ कैरियरों की खरीद पूरी तरह ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के अनुरूप करना चाहती है।</p>
</div>
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		<title>सीएम हिमंत सरमा के बयान से चिढ़ा बांग्लादेश</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159912/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 12:35:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान से चिढ़े बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को बुलाकर अपना औपचारिक विरोध दर्ज कराया है। यूएनबी न्यूज सर्विस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दक्षिण एशिया की महानिदेशक इशरत जहां ने बांग्लादेश के रुख से भारतीय राजनयिक को गुरुवार &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="689" height="405" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/3-3.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के बयान से चिढ़े बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भारत के कार्यवाहक उच्चायुक्त पवन बाधे को बुलाकर अपना औपचारिक विरोध दर्ज कराया है।</p>
<p>यूएनबी न्यूज सर्विस ने एक अधिकारी के हवाले से बताया कि दक्षिण एशिया की महानिदेशक इशरत जहां ने बांग्लादेश के रुख से भारतीय राजनयिक को गुरुवार को अवगत कराया।</p>
<p>हिमंत ने पिछले सप्ताह इंटरनेट मीडिया पर एक पोस्ट में कहा था कि अमस में 20 विदेशी नागरिकों को पकड़ा गया और उन्हें बांग्लादेश वापस भेज दिया गया।</p>
<p>उन्होंने कहा, ‘लातों के भूत बातों से नहीं मानते। हम तब असम से उन घुसपैठियों को बाहर निकालते हैं, जब वे खुद से नहीं जाते। ऐसे में हम लगातार इस कहावत को याद करते हैं। जैसे ये 20 अवैध बांग्लादेशी, जिन्हें कल रात धक्का देकर वापस भेज दिया गया।’</p>
<p>इशरत ने भारतीय राजनयिक से कहा कि इस तरह की टिप्पणियां दोनों देशों के बीच मित्रता के संबंधों की भावना को कमजोर करती हैं। उन्होंने इन टिप्पणियों को बांग्लादेश-भारत संबंधों के लिए अपमानजनक बताया और ढाका की नाखुशी को व्यक्त किया।</p>
<p>बता दें कि अगस्त, 2024 में गठित मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान भारत और बांग्लादेश के संबंध तनावपूर्ण हो गए थे।</p>
<p>इस वर्ष फरवरी में संसदीय चुनावों में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी की जीत के बाद तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने के बाद द्विपक्षीय संबंधों को सुधारने के प्रयास किए जा रहे हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">बांग्लादेशी सांसद के बयान पर निशिकांत ने टीएमसी को घेरा</h2>
<p>भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने बंगाल में घुसपैठ के मुद्दे पर बांग्लादेश के एक सांसद के बयान को लेकर तृणमूल कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने कहा कि टीएमसी के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।</p>
<p>निशिकांत ने एक्स पर एक पोस्ट में बांग्लादेश के सांसद अख्तर हुसैन का एक वीडियो साझा किया है। उनके अनुसार, हुसैन ने कहा है कि अगर बंगाल की सत्ता में भाजपा आती है तो वह घुसपैठ को रोक देगी और बांग्लदेशी मुसलमानों को राज्य से बाहर कर देगी। तृणमूल कांग्रेस के मददगार धीरे-धीरे सामने आ रहे हैं।</p>
<p>बात दें कि बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ और चार मई को मतगणना होगी। चुनाव प्रचार के दौरान घुसपैठ का मुद्दा गरमाया रहा। दूसरे चरण के मतदान के बाद आए एग्जिट पोल में भाजपा सरकार बनने की संभावना जताई गई है।</p>
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		<title>पायलटों की मौत से मचा हड़कंप: पायलट संघ ने DGCA को लिखा पत्र</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159914/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 12:35:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एएलपीए) ने शुक्रवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर अदालत द्वारा अनिवार्य उड़ान ड्यूटी समय सीमा के कार्यान्वयन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की। पिछले दिनों दो पायलटों की मौत के बाद पायलट संघ ने डीजीसीए को यह पत्र लिखा है।उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="672" height="351" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/43.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p>एयरलाइन पायलट्स एसोसिएशन आफ इंडिया (एएलपीए) ने शुक्रवार को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) को पत्र लिखकर अदालत द्वारा अनिवार्य उड़ान ड्यूटी समय सीमा के कार्यान्वयन में हो रही देरी पर चिंता व्यक्त की।</p>
<p>पिछले दिनों दो पायलटों की मौत के बाद पायलट संघ ने डीजीसीए को यह पत्र लिखा है।उल्लेखनीय है कि पिछले दो दिनों में एअर इंडिया और अकासा एयर के दो पायलटों को दिल का दौरा पड़ा। दोनों ड्यूटी पर नहीं थे।</p>
<p>एअर इंडिया के पायलट की बाली में विश्राम के दौरान, जबकि अकासा एयर के पायलट की मृत्यु प्रशिक्षण के दौरान हुई।</p>
<p>अपने पत्र में पायलट संघ ने कहा कि इस सप्ताह हुई पायलटों की मौत के मद्देनजर उड़ान सुरक्षा और चालक दल के कल्याण के बारे में चिंताएं हैं।</p>
<p>ये मुद्दे फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) के निरंतर स्थगन के कारण उत्पन्न हुए हैं, जबकि इस विषय पर पहले भी कई बार आपत्ति जताई जा चुकी है।</p>
<p>एसोसिएशन ने कहा है कि आपरेटरों को लगातार छूट दिए जाने से एफडीटीएल नियमों का मूल उद्देश्य काफी हद तक कमजोर हो गया है। यह छूट अब प्रभावी रूप से मानक बन गई है, जबकि शुरू में इसे अस्थायी उपाय बताया गया था। यह पायलटों को थकान से राहत देने के उद्देश्य को विफल करता है।</p>
<p>इससे पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना और नियामक सीमाओं के भीतर शेड्यूलिंग को बढ़ावा मिल रहा है। अपने पत्र में एसोसिएशन ने डीजीसीए से इन बदलावों को चरणबद्ध तरीके से वापस लेने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है।</p>
</div>
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		<title>तनाव के बीच ईरान की अमेरिका को कड़ी चेतावनी</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/159916/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Sat, 02 May 2026 12:35:05 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ नेता ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ईरानी नेता सैयद मेहदी तबाताबाई ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल किया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका की नीतियों &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="714" height="393" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/05/43-1.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p> अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच ईरान के एक वरिष्ठ नेता ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। ईरानी नेता सैयद मेहदी तबाताबाई ने शुक्रवार को कहा कि अगर ईरान के खिलाफ ताकत का इस्तेमाल किया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा।</p>
<p>उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अमेरिका की नीतियों की आलोचना करते हुए कहा कि वाशिंगटन ‘कमजोर मनोवैज्ञानिक खेल’ और चुनावी बयानबाजी में लगा हुआ है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिकी नेतृत्व संकट से निपटने में वकीलों की सलाह पर ज्यादा निर्भर है।</p>
<p>तबाताबाई ने अमेरिका से हालिया हमलों के लिए मुआवजा देने और क्षेत्र में अपनी नीति बदलने की मांग भी की। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपने कदमों पर पुनर्विचार करना चाहिए।</p>
<h2 class="wp-block-heading">ट्रंप पर सीधा हमला</h2>
<p>ईरानी नेता ने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका को अपनी नीतियों से बाहर निकलना चाहिए और अपने किए का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान दुनिया में शांति और दोस्ती का समर्थक है, लेकिन अगर कोई देश ताकत की भाषा में बात करेगा, तो उसे सख्त जवाब मिलेगा।</p>
<p>यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका, ईरान और इजरायल के बीच हालिया संघर्ष के बाद सीजफायर लागू है, लेकिन हालात अभी भी पूरी तरह स्थिर नहीं हैं। दोनों पक्षों की ओर से लगातार तीखी बयानबाजी हो रही है, जिससे यह चिंता बढ़ गई है कि कहीं यह संघर्ष फिर से न बढ़ जाए।</p>
<h2 class="wp-block-heading">कूटनीतिक प्रयासों पर असर</h2>
<p>तबाताबाई के बयान से यह भी साफ होता है कि मौजूदा कूटनीतिक प्रयास काफी नाजुक स्थिति में हैं। उन्होंने दोहराया कि ईरान शांति चाहता है, लेकिन उकसावे की स्थिति में जवाब देने के लिए तैयार है।</p>
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