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	<title>Badalta Swarup | बदलता स्वरुप</title>
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	<description>Hindi News, Lifestyle &#38; Entertainment Articles</description>
	<lastBuildDate>Fri, 19 Jun 2026 09:34:53 +0000</lastBuildDate>
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		<title>बदरीनाथ धाम की दूरी 33 किमी होगी कम, 2027 तक तैयार होगा हेलंग-मारवाड़ी बाईपास</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160870/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 09:34:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 6.5 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण बाईपास के वर्ष 2027 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के बाद बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की करीब 33 किलोमीटर (आना-जाना) दूरी कम हो जाएगी। साथ ही &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="821" height="465" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-22.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-22.jpg 821w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/3-22-768x435.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/3-22-390x220.jpg 390w" sizes="(max-width: 821px) 100vw, 821px"></p>
<p>ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत निर्माणाधीन हेलंग-मारवाड़ी बाईपास मार्ग का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 6.5 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण बाईपास के वर्ष 2027 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है। इसके निर्माण के बाद बदरीनाथ धाम जाने वाले यात्रियों की करीब 33 किलोमीटर (आना-जाना) दूरी कम हो जाएगी। साथ ही ज्योतिर्मठ और मारवाड़ी के बीच अक्सर लगने वाले लंबे जाम से भी राहत मिलेगी।</p>
<p>जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि परियोजना पर युद्धस्तर पर काम चल रहा है। इस पर मोटर पुल का निर्माण किया जा रहा है। निर्धारित समय के भीतर इसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। वर्तमान में मार्ग पर हिल कटिंग के साथ प्रथम चरण का डामरीकरण कार्य भी किया जा रहा है। अब तक लगभग पांच किलोमीटर क्षेत्र में पहाड़ी कटान का कार्य पूरा हो चुका है।</p>
<p><strong>बाईपास मार्ग सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण<br /></strong>हेलंग से शुरू होकर यह बाईपास ज्योतिर्मठ से 13 किलोमीटर पहले मारवाड़ी पुल तक पहुंचेगा। परियोजना के पूरा होने के बाद बदरीनाथ और हेमकुंड साहिब की यात्रा अधिक सुगम और सुरक्षित हो जाएगी।बीआरओ अधिकारियों के अनुसार, सड़क निर्माण के साथ डबल लेन डामरीकरण का कार्य किया जा रहा है।</p>
<p>वर्तमान में पहला डामर लेयर बिछाया जा रहा है, जबकि पूरी सड़क तैयार होने के बाद अंतिम डामरीकरण किया जाएगा। परियोजना के तहत एक बड़े और दो छोटे मोटर पुलों का निर्माण किया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न स्थानों पर कल्वर्ट बनाए जा रहे हैं ताकि बरसाती जल निकासी और सड़क की मजबूती सुनिश्चित की जा सके।</p>
<p>यह बाईपास मार्ग सामरिक दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चीन सीमा से सटे क्षेत्रों तक सेना के भारी वाहनों और सैन्य उपकरणों को पहुंचाने में भी बड़ी सुविधा मिलेगी। वर्तमान में हेलंग से ज्योतिर्मठ और मारवाड़ी तक हाईवे का हिस्सा अपेक्षाकृत संकरा है, जिससे सेना को भारी उपकरण सीमा तक पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p><strong>सेना के प्रस्ताव पर मिली थी मंजूरी<br /></strong>हेलंग-मारवाड़ी बाईपास का प्रस्ताव भारतीय सेना ने केंद्र सरकार के सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के समक्ष रखा था। सेना का मानना था कि इस मार्ग के निर्माण से सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण चीन सीमा क्षेत्र तक पहुंच आसान होगी। अब परियोजना के अंतिम चरण में पहुंचने के साथ उम्मीद की जा रही है कि यह मार्ग न केवल तीर्थयात्रियों बल्कि स्थानीय लोगों और सेना के लिए भी बड़ी राहत साबित होगा।</p>
</div>
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		<title>अयोध्या: सीएम योगी आज करेंगे रामलला के दर्शन…</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160868/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 09:34:53 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जारी एक प्रशासनिक निर्देश चर्चा का विषय बन गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा एवं &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="485" height="405" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-21.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>राम मंदिर में चंदा चोरी के आरोपों के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन करेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शुक्रवार को प्रस्तावित अयोध्या दौरे से पहले राम मंदिर से जुड़ी व्यवस्थाओं को लेकर जारी एक प्रशासनिक निर्देश चर्चा का विषय बन गया है। जिला प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा एवं प्रोटोकॉल कार्यक्रम में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से मुख्यमंत्री के दर्शन-पूजन कार्यक्रम की व्यवस्थाओं के लिए एक अधिकृत प्रतिनिधि नामित करने का अनुरोध किया गया है।</p>
<p>मुख्यमंत्री का रामलला के दर्शन-पूजन का कार्यक्रम तय है। इसके लिए ट्रस्ट की ओर से किसी प्रतिनिधि का नाम और संपर्क विवरण ड्यूटी मजिस्ट्रेट को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पूजन और प्रोटोकॉल संबंधी तैयारियों का समन्वय समय से पूरा किया जा सके। प्रशासनिक स्तर पर इसे सामान्य व्यवस्था बताया जा रहा है, लेकिन राम मंदिर दान राशि गड़बड़ी प्रकरण की एसआईटी जांच के बीच इस निर्देश ने कई तरह की चर्चाओं को जन्म दे दिया है।</p>
<p>सूत्रों के अनुसार, हाल के दिनों में सामने आए घटनाक्रमों के बाद शासन और प्रशासन राम मंदिर से जुड़े प्रत्येक पहलू को अत्यंत सतर्कता के साथ देख रहे हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में महासचिव की प्रत्यक्ष भूमिका न होने को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में अलग-अलग अर्थ निकाले जा रहे हैं।</p>
<p>यदि मुख्यमंत्री के राम मंदिर प्रवास के दौरान चंपत राय सार्वजनिक रूप से प्रमुख भूमिका में दिखाई नहीं देते हैं, तो इसे जांच प्रक्रिया के बीच एक महत्वपूर्ण संदेश के रूप में देखा जाएगा। इससे यह संकेत जा सकता है कि सरकार दानराशि गड़बड़ी प्रकरण की जांच को पूरी गंभीरता से ले रही है और जांच पूरी होने तक किसी भी व्यक्ति के पक्ष या विपक्ष में खड़े होने की बजाय संस्थागत प्रक्रिया को प्राथमिकता दे रही है। यह संदेश भी जा सकता है कि सरकार मंदिर की आस्था और विवादों को अलग-अलग रखकर देखना चाहती है।</p>
<p>एक ओर मुख्यमंत्री रामलला के दर्शन कर श्रद्धालुओं और संत समाज से जुड़ाव का संदेश देंगे, वहीं दूसरी ओर विवादों के केंद्र में रहे व्यक्तियों से औपचारिक दूरी बनाए रखकर पारदर्शिता और जवाबदेही पर जोर देते दिखाई देंगे।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>महिलाओं और पुरुषों के शरीर में बीमारी से लड़ने की क्षमता क्यों होती है अलग?</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160866/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 06:34:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई बीमारी आती है या उम्र बढ़ती है, तो पुरुषों और महिलाओं का शरीर एक ही स्थिति में अलग-अलग तरीके से क्यों प्रतिक्रिया देता है? हाल ही में हुए एक नए शोध ने इस बड़े सवाल का जवाब ढूंढ लिया है। इसका असली कारण हमारे शरीर में मौजूद &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="1102" height="624" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/5-10.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/5-10.jpg 1102w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/5-10-768x435.jpg 768w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/5-10-390x220.jpg 390w" sizes="auto, (max-width: 1102px) 100vw, 1102px"></p>
<p>क्या आपने कभी सोचा है कि जब कोई बीमारी आती है या उम्र बढ़ती है, तो पुरुषों और महिलाओं का शरीर एक ही स्थिति में अलग-अलग तरीके से क्यों प्रतिक्रिया देता है? हाल ही में हुए एक नए शोध ने इस बड़े सवाल का जवाब ढूंढ लिया है।</p>
<p>इसका असली कारण हमारे शरीर में मौजूद एक खास प्रोटीन है, जिसे ‘एसआइआरटी 7’ कहा जाता है। यह प्रोटीन मुख्य रूप से हमारे जीन की सुरक्षा करता है और उसकी गतिविधियों को कंट्रोल करता है।</p>
<p><strong>वैज्ञानिक क्या कह रहे हैं?<br /></strong>अमेरिका के ‘मैस जनरल ब्रिघम’ और स्पेन के ‘जोसेप कैरेरास ल्यूकेमिया इंस्टीट्यूट’ के शोधकर्ताओं ने इस विषय पर गहराई से स्टडी की है। विशेषज्ञों के अनुसार, बीमारी के बढ़ने या शरीर के बूढ़े होने की प्रक्रिया में लिंग के आधार पर होने वाले बदलावों के पीछे के जैविक कारणों को अभी तक पूरी तरह से समझा नहीं जा सका है। इन्हीं कारणों और अंतरों को बेहतर ढंग से समझने के लिए वैज्ञानिक अब सेक्स क्रोमोसोम की बारीकी से जांच कर रहे हैं।</p>
<p><strong>‘एसआइआरटी 7’ प्रोटीन का क्या काम है?<br /></strong>प्रतिष्ठित विज्ञान पत्रिका ‘नेचर’ में प्रकाशित इस स्टडी से एक अहम खुलासा हुआ है। ‘एसआइआरटी 7’ एक ऐसा प्रोटीन है जो तनाव और उम्र बढ़ने पर हमारे शरीर की कोशिकाओं के रिएक्शन को संभालता है। शोध में पता चला है कि यह प्रोटीन हमारे एक्स क्रोमोसोम के स्वास्थ्य को बनाए रखने में एक बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।</p>
<p><strong>एक्स क्रोमोसोम का पूरा गणित<br /></strong>किसी भी इंसान का जैविक लिंग तय करने वाले दो सेक्स क्रोमोसोम होते हैं, जिनमें से एक एक्स क्रोमोसोम है।</p>
<p>महिलाओं में: आमतौर पर दो एक्स क्रोमोसोम (XX) पाए जाते हैं।<br />पुरुषों में: एक एक्स और एक वाई क्रोमोसोम (XY) होता है।</p>
<p>इस शोध में सामने आया है कि महिलाओं की कोशिकाओं में जीन की एक्टिविटी को संतुलित रखने के लिए शरीर आमतौर पर एक एक्स क्रोमोसोम को इनएक्टिव कर देता है। यही क्रोमोसोम और ‘एसआइआरटी 7’ प्रोटीन का तालमेल महिलाओं और पुरुषों की स्वास्थ्य प्रतिक्रियाओं में बड़ा अंतर पैदा करता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>घर के मुख्य द्वार के लिए कौन-से पौधे हैं शुभ और कौन-से अशुभ?</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160864/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 06:34:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[वास्तु शास्त्र का ज्ञान सिर्फ वास्तु कला और डिजाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों पर भी इसके नियम लागू होते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, पेड़-पौधे को सकारात्मक ऊर्जा, सेहत और समृद्धि को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। कई लोग घर के मुख्य द्वार को अलग-अलग पेड़ों-पौधों से सुशोभित करते हैं, लेकिन वास्तु &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="551" height="381" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/2-12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async"></p>
<p>वास्तु शास्त्र का ज्ञान सिर्फ वास्तु कला और डिजाइन तक सीमित नहीं है, बल्कि पेड़-पौधों पर भी इसके नियम लागू होते हैं। वास्तु शास्त्र के मुताबिक, पेड़-पौधे को सकारात्मक ऊर्जा, सेहत और समृद्धि को बढ़ावा देने वाला माना जाता है। कई लोग घर के मुख्य द्वार को अलग-अलग पेड़ों-पौधों से सुशोभित करते हैं, लेकिन वास्तु के अनुसार कुछ खास तरह के पेड़-पौधे को घर के मुख्य द्वार पर नहीं लगाना चाहिए। आइए जानते हैं कौन-से हैं वो पेड़-पौधे?</p>
<p>वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में पौधों को जिस भी दिशा में रखा जाता है, वह ऊर्जा के प्रवाह को खासतौर से प्रभावित करती है। घर में पेड़-पौधों को सही दिशा में रखने से पॉजिटिव एनर्जी बढ़ती है, सेहत में बेहतर सुधार देखने को मिलता है और पैसा भी आकर्षित होता है।</p>
<p><strong>किस दिशा में पेड़-पौधे लगाना सही और गलत?<br /></strong>उत्तर और पूर्व दिशाएं अधिकतर पेड़-पौधों को लगाने के लिए सही दिशा है, क्योंकि इन दिशाओं में पर्याप्त मात्रा में धूप की रोशनी रहती है। इस दिशा में पौधों को रखने से घर में सुख-समृद्धि का संचार बना रहता है।</p>
<p>दक्षिण और पश्चिम दिशाएं- वास्तु के मुताबिक, ये दिशाएं भी पौधे को लगाने के लिए सही मानी जाती है। घर में दक्षिण-पश्चिम दिशा में कांटेदार पौधा लगाना से नकारात्मक ऊर्जा से बचाव होता है।</p>
<p>उत्तर पूर्व दिशा जिसे ईशान कोण भी कहा जाता है, इस दिशा में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। घर में तुलसी का पौधा लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।</p>
<p><strong>वास्तु के अनुसार कौन-सा पौधा मुख्य द्वार के लिए शुभ<br /></strong>वास्तु शास्त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर कुछ खास तरह के पौधों को लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। ये पौधे सौभाग्य, सेहत और समृद्धि को आकर्षित करते हैं।</p>
<p><strong>तुलसी का पौधा<br /></strong>घर के मुख्य द्वार पर तुलसी का पौधा लगाना अत्यंत पवित्र माना जाता है। हिंदू संस्कृति में तुलसी को शांति लाने, वायु को शुद्ध करने वाला और सकारात्मक ऊर्जा वाला पौधा माना जाता है।</p>
<p><strong>मनी प्लांट<br /></strong>घर के मुख्य द्वार पर मनी प्लांट का पौधा लगाने से वित्तीय स्थिरता बनी रहती है। इसे मुख्य द्वार पर दक्षिण-पूर्व कोने में लगाना शुभ माना जाता है।</p>
<p><strong>एरेका पाम<br /></strong>घर के मेन गेट पर एरेका पाम का पौधा लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है। इस पौधे को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से वायु की गुणवत्ता में सुधार के साथ घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बना रहता है।</p>
<p><strong>बांस का पौधा<br /></strong>वास्तु शास्त्र में बांस के पौधे को भाग्य और सौभाग्य से जोड़कर देखा जाता है। यह घर के अंदर या मुख्य द्वार पर पूर्व या दक्षिण-पूर्व दिशा में लगाना सही माना जाता है।</p>
<p><strong>जेड प्लांट<br /></strong>वास्तु के मुताबिक, जेड का पौधा समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इस पौधे को मुख्य द्वार पर पूर्व दिशा में लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है।</p>
<p><strong>स्नेक प्लांट<br /></strong>घर के मुख्य द्वार पर स्नेक प्लांट लगाना भी बेहतर विक्लप साबित हो सकता है। वास्तु के अनुसार यह पौधा हवा को शुद्ध करने के साथ नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने में भी मदद करता है। इस पौधे को घर में लगाने से भारी ऊर्जा की समस्या दूर होती है।</p>
<p><strong>वास्तु के अनुसार कौन-सा पौधा लगाना अशुभ<br /></strong>वास्तु के मुताबिक, जहां कुछ पौधों को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, वहीं कुछ ऐसे भी पौधे हैं जिन्हें घर या मेन गेट पर लगाने से नकारात्मक परिणाम देखने को मिल सकते हैं।</p>
<p><strong>बोनसाई का पौधा<br /></strong>घर में या घर के बाहर बोनसाई का पौधा लगाना अत्यंत अशुभ माना जाता है। वास्तु के मुताबिक इन्हें घर में नहीं लगाना चाहिए।</p>
<p><strong>कैक्टस या कांटेदार पौधे<br /></strong>कैक्टस या किसी भी तरह का कांटेदार पौधा नकारात्मक ऊर्जा और कलह को बढ़ावा देता है, इस वजह से इन्हें घर में लगाने की मनाही होती है।</p>
<p><strong>इमली और मेहंदी का पेड़<br /></strong>वास्तु के मुताबिक, इमली या मेहंदी का पौधा घर के मुख्य द्वार पर लगाना अशुभ माना जाता है। यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, इस वजह से इन्हें घर के अंदर नहीं रखना चाहिए।</p>
<p><strong>बबूल का पेड़<br /></strong>वास्तु और धर्म शास्त्र के अनुसार, बबूल का पेड़ घर में लगाना अत्यंत अशुभ माना जाता है। इस पौधे को घर के मुख्य द्वार पर लगाने से पारिवारिक कलह-क्लेश और तनाव का सामना करना पड़ सकता है।</p>
<p><strong>कपास और रेशम का पेड़<br /></strong>वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मुख्य द्वार पर भूलकर भी कपास और रेशम का पौधा नहीं लगाना चाहिए। इस पौधे को घर में लगाने से आर्थिक परेशानियां और सेहत से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> 19 जून 2026 का राशिफल</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160862/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 19 Jun 2026 06:34:47 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[धर्म/अध्यात्म]]></category>
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					<description><![CDATA[मेष राशिआज का दिन आपके लिए खुशियों और शुभ संकेतों से भरा रहने वाला है। किसी मांगलिक या धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा, जिससे मन को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। हालांकि दूर रहने वाले किसी अपने की याद आपको थोड़ा भावुक कर सकती है। नौकरी या करियर से जुड़ा कोई काम आपको यात्रा &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img width="460" height="402" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/1-27.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" loading="lazy"></p>
<p><strong>मेष राशि<br /></strong>आज का दिन आपके लिए खुशियों और शुभ संकेतों से भरा रहने वाला है। किसी मांगलिक या धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होने का मौका मिलेगा, जिससे मन को सकारात्मक ऊर्जा मिलेगी। हालांकि दूर रहने वाले किसी अपने की याद आपको थोड़ा भावुक कर सकती है। नौकरी या करियर से जुड़ा कोई काम आपको यात्रा पर ले जा सकता है। कार्यक्षेत्र में कोई सहयोगी आपकी राह में छोटी-मोटी परेशानी खड़ी करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन आपकी समझदारी हर स्थिति को संभाल लेगी। आज आपकी सूझबूझ से कई काम आसानी से पूरे होंगे, बस किसी भी काम में लापरवाही करने से बचें।</p>
<p><strong>वृषभ राशि<br /></strong>आज रिश्तों में अपनापन और मजबूती महसूस होगी, खासकर परिवार और करीबी लोगों के साथ। किसी सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने से आपकी पहचान और प्रभाव दोनों बढ़ेंगे। विरोधियों को मात देने की पूरी कोशिश करेंगे और काफी हद तक सफल भी रहेंगे। हालांकि अपनी निजी या जरूरी बातें किसी से साझा करने से बचें, वरना परेशानी हो सकती है। काम का दबाव थोड़ा ज्यादा रहेगा, जिससे थकान महसूस हो सकती है। यदि किसी से उधार लिया हुआ पैसा है, तो उसे लौटाने का दबाव भी बन सकता है।</p>
<p><strong>मिथुन राशि<br /></strong>आज का दिन बाकी दिनों से कहीं ज्यादा राहत और खुशी देने वाला रहेगा। आपकी मेहनत आपको नई पहचान दिला सकती है और परिवार के साथ रिश्तों में भी मिठास बनी रहेगी। जीवनसाथी को नई नौकरी या नए अवसर का बुलावा मिल सकता है, जिसके कारण उन्हें बाहर जाना पड़ सकता है। कोई बनता हुआ काम अचानक अटकने से थोड़ी चिंता बढ़ सकती है। अविवाहित लोगों के जीवन में किसी नए रिश्ते की दस्तक होने के संकेत हैं, जिससे मन में उत्साह बना रहेगा।</p>
<p><strong>कर्क राशि<br /></strong>आज खर्चे आपकी जेब पर थोड़ा ज्यादा असर डाल सकते हैं, इसलिए सोच-समझकर खर्च करना बेहतर रहेगा। संतान की पढ़ाई और भविष्य को लेकर आप कोई बड़ा कदम उठा सकते हैं, जैसे मनपसंद कोर्स में दाखिला दिलाना। परिवार में किसी सदस्य के करियर या काम से जुड़ी परेशानी बातचीत से सुलझ सकती है। भाई-बहनों का पूरा सहयोग मिलेगा, जिससे मन मजबूत रहेगा। घर के रिनोवेशन या सजावट का रुका हुआ काम दोबारा शुरू हो सकता है। ऑफिस में बॉस आपको कोई नई जिम्मेदारी भी सौंप सकते हैं।</p>
<p><strong>सिंह राशि<br /></strong>आज का दिन आपके लिए खास और यादगार साबित हो सकता है। नए लोगों से मुलाकात भविष्य में बिजनेस और करियर के लिए फायदेमंद साबित होगी। किसी धार्मिक आयोजन में शामिल होने से मन को शांति और सुकून मिलेगा। प्रेम संबंधों में कुछ नई चुनौतियां सामने आ सकती हैं, इसलिए जल्दबाजी या गुस्से से बचना जरूरी होगा। प्रॉपर्टी खरीदने या निवेश की योजना भी आज आपके मन में आकार ले सकती है।</p>
<p><strong>कन्या राशि<br /></strong>आज का दिन सकारात्मक परिणाम और नई उम्मीदें लेकर आएगा। घूमने-फिरने या यात्रा के दौरान कोई ऐसी जानकारी मिल सकती है, जो आगे चलकर आपके बहुत काम आएगी। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई से जुड़ी समस्याओं को गुरुजनों की मदद से सुलझाने की कोशिश करेंगे। व्यापार में हल्के उतार-चढ़ाव बने रहेंगे, जिससे मन थोड़ा विचलित हो सकता है। हालांकि वाहन खरीदने का विचार आपके लिए शुभ साबित हो सकता है। माता-पिता के आशीर्वाद से रुका हुआ काम पूरा होने की संभावना है।</p>
<p><strong>तुला राशि<br /></strong>आज आर्थिक मामलों में आपको राहत और मजबूती महसूस होगी। आपकी आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर रहेगी और फैसले लेने की क्षमता भी मजबूत बनी रहेगी। किसी भी काम में लापरवाही करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए हर कदम सोच-समझकर बढ़ाएं। भगवान की भक्ति और आध्यात्मिक कार्यों में मन लगेगा, जिससे मानसिक शांति मिलेगी। हालांकि आपका जिद्दी स्वभाव परिवार में मनमुटाव पैदा कर सकता है, इसलिए अपने व्यवहार में थोड़ा नरमपन रखें।</p>
<p><strong>वृश्चिक राशि<br /></strong>आज जमीन-जायदाद या प्रॉपर्टी से जुड़े मामलों में आपके लिए अच्छे संकेत हैं। मेहनत का पूरा फल मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। किसी कानूनी मामले को लेकर अनुभवी व्यक्ति या वकील की सलाह लेना आपके लिए फायदेमंद रहेगा। मन में आगे बढ़ने और खुद को साबित करने की भावना बनी रहेगी। अपने कामों को धैर्य और साहस के साथ पूरा करें। यदि पिताजी के साथ किसी बात को लेकर तनाव चल रहा है, तो शांत रहकर स्थिति संभालने की कोशिश करें।</p>
<p><strong>धनु राशि<br /></strong>आज आपका मान-सम्मान और प्रतिष्ठा बढ़ने के संकेत हैं। यदि नए वाहन के लिए लोन अप्लाई किया हुआ था, तो उसमें सफलता मिल सकती है। जीवनसाथी की भावनाओं को समझना और सम्मान देना बहुत जरूरी होगा, वरना छोटी-सी बात बड़ा विवाद बन सकती है। कार्यक्षेत्र में मनपसंद काम न मिलने से थोड़ा असंतोष रह सकता है और आप नई नौकरी की तलाश की ओर भी कदम बढ़ा सकते हैं।</p>
<p><strong>मकर राशि<br /></strong>आज का दिन विद्यार्थियों के लिए काफी उत्साहजनक रहेगा। पुराने लेन-देन या आर्थिक उलझनों से राहत मिल सकती है। संतान के परीक्षा परिणाम घर में खुशी और गर्व का माहौल बनाएंगे। पिताजी के साथ किसी जरूरी काम को लेकर चर्चा हो सकती है। माता-पिता के आशीर्वाद से रुका हुआ काम पूरा होने की संभावना है। राजनीति या सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों की छवि मजबूत होगी और जनसमर्थन में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। बस अपनी जरूरी बातें किसी से साझा करने से बचें।</p>
<p><strong>कुंभ राशि<br /></strong>आज का दिन मस्ती और हल्के-फुल्के पलों से भरा रहेगा, लेकिन दूसरों के कामों में ज्यादा उलझना बाद में आपके लिए तनाव का कारण बन सकता है। लंबे समय से रुका हुआ पैसा मिलने से मन खुश हो जाएगा। यदि किसी और का वाहन चला रहे हैं, तो बेहद सावधानी बरतें, क्योंकि छोटी लापरवाही नुकसान दे सकती है। पुरानी गलतियों से सीख लेकर आगे बढ़ना ही आपके लिए फायदेमंद रहेगा। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए आप कोई बड़ा और जरूरी फैसला ले सकते हैं।</p>
<p><strong>मीन राशि<br /></strong>आज आपको हर कदम पर सावधानी और सतर्कता बरतने की जरूरत होगी। नौकरीपेशा लोगों के लिए किसी अजनबी पर भरोसा करना नुकसानदायक साबित हो सकता है। पैसों से जुड़ी कोई भी निजी बात किसी के साथ साझा करने से बचें। सरकारी कामों में थोड़ी परेशानी या देरी हो सकती है। कोई विरोधी आपको परेशान करने की कोशिश कर सकता है, लेकिन धैर्य बनाए रखें। संतान के लिए कोई प्यारा-सा सरप्राइज गिफ्ट लेकर आने से घर का माहौल खुशियों से भर जाएगा। माताजी से किया गया वादा समय रहते पूरा करने की कोशिश जरूर करें।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title> 20 हजार करोड़ के दांव से भारत बनेगा का लॉजिस्टिक्स किंग</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160860/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 12:35:01 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक शक्ति के लिए अहम माना जा रहा है। 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल भविष्य में 21 मिलियन टीईयू क्षमता तक पहुंच सकता है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डी.के. जोशी ने गुरुवार को ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="805" height="446" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/7-17.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/7-17.jpg 805w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/7-17-768x426.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 805px) 100vw, 805px"></p>
<p>ग्रेट निकोबार परियोजना को भारत के समुद्री व्यापार और रणनीतिक शक्ति के लिए अहम माना जा रहा है। 20,000 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल भविष्य में 21 मिलियन टीईयू क्षमता तक पहुंच सकता है।</p>
<p>अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उपराज्यपाल डी.के. जोशी ने गुरुवार को ग्रेट निकोबार प्रोजेक्ट को लेकर पीटीआई से बात की। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह महत्वाकांक्षी ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना भारत के समुद्री व्यापार के लिए गेम-चेंजर साबित होगी और अंडमान-निकोबार को हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रमुख लॉजिस्टिक्स हब के रूप में स्थापित करेगी। जोशी की तरफ से दी गई जानकारी के मुताबिक, परियोजना अब पहले दौर में प्रवेश करने जा रही है और इसका प्रमुख हिस्सा इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT) देश के समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण योगदान देगा।</p>
<p><strong>‘तीन साल में पूरा होगा पहला चरण’<br /></strong>उपराज्यपाल जोशी के मुताबिक, ‘पहले चरण में यह टर्मिनल लगभग 6 मिलियन टीईयू (TEU) कार्गो क्षमता संभालने में सक्षम होगा और इसे बनाने पर करीब 20,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी और कार्य शुरू होने के तीन वर्षों के भीतर इसे पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। अंतिम चरण में इसकी क्षमता बढ़कर 21 मिलियन टीईयू तक पहुंच सकती है, जिससे यह न केवल भारत बल्कि पूरे हिंद-प्रशांत क्षेत्र के सबसे बड़े कंटेनर बंदरगाहों में शामिल हो जाएगा। बता दें कि टीईयू कंटेनर जहाजों की कार्गो क्षमता और बंदरगाहों की माल ढुलाई क्षमता मापने की मानकीकृत इकाई है।</p>
<p><strong>पीपीपी मॉ़डल के तहत तैयार किया जा रहा प्रोजेक्ट<br /></strong>ग्रेट निकोबार की मलक्का जलडमरूमध्य के निकट स्थिति का उल्लेख करते हुए जोशी ने कहा कि यह बंदरगाह वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों पर एक प्रमुख ट्रांसशिपमेंट हब के रूप में उभर सकता है। अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक-निजी भागीदारी पीपीपी मॉडल के तहत विकसित की जा रही इस परियोजना में बंदरगाह आधारित विकास के साथ पर्यावरणीय सुरक्षा उपायों और आदिवासी समुदायों के संरक्षण के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया जाएगा।</p>
<p><strong>एयरपोर्ट और सैन्य इंफ्रास्ट्रक्चर को भी मिलेगा विस्तार<br /></strong>बंदरगाह के साथ एक ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का भी निर्माण प्रस्तावित है, जिसकी कम से कम एक रनवे के अगले तीन वर्षों में चालू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कैंपबेल बे स्थित नौसैनिक एयर स्टेशन आईएनएस बाज की मौजूदा रनवे को लगभग तीन किलोमीटर तक विस्तारित किया जा रहा है, ताकि बड़े विमानों का संचालन संभव हो सके।</p>
<p><strong>‘विकसित भारत’ के लक्ष्य को मिलेगी नई गति<br /></strong>जोशी ने कहा कि ये सभी पहल भारत के ‘विकसित भारत’ के व्यापक लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेंगी और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह की आर्थिक एवं रणनीतिक महत्ता को मजबूत करेंगी।<br />उन्होंने द्वीप समूह में चल रही अन्य पहलों का भी जिक्र किया, जिनमें कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड के साथ कौशल विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेडेशन के लिए हुए समझौते शामिल हैं। इनका उद्देश्य जहाज मरम्मत क्षमताओं को बढ़ाना है।</p>
<p><strong>‘जहाज मरम्मत और निर्माण केंद्र के रूप में विकसित होगा क्षेत्र’<br /></strong>जोशी ने बताया कि स्वराज द्वीप (पूर्व में हैवलॉक द्वीप) के निकट पोर्ट मीडोज में प्रस्तावित शिप-टू-शिप ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल तथा डिगलीपुर के पास अटलांटा बे में प्रस्तावित गहरे पानी के बहुउद्देश्यीय बंदरगाह जैसी परियोजनाएं ग्रेट निकोबार परियोजना को और मजबूती प्रदान करेंगी। उन्होंने कहा, ‘इन विकास कार्यों के साथ अंडमान सागर में अगले पांच वर्षों के दौरान जहाजरानी गतिविधियों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है। इससे यह क्षेत्र पहले जहाज मरम्मत केंद्र और बाद में जहाज निर्माण केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है।’ वहीं, अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न परियोजनाओं को लेकर कई अध्ययन जारी हैं और आने वाले वर्षों में इन्हें चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।</p>
<p><strong>प्रोजेक्ट पर कांग्रेस ने जताई है आपत्ति<br /></strong>हालांकि, ग्रेट निकोबार द्वीप परियोजना को लेकर कुछ पक्षों ने पर्यावरण संबंधी चिंताएं भी जताई हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इस परियोजना से पारिस्थितिक तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचेगा और बड़ी संख्या में प्रवाल (कोरल) कॉलोनियों का विनाश हो सकता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>उत्तराखंड: राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में होगा बदलाव</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160858/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 09:34:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तराखंड]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा। प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="809" height="465" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/8-12.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/8-12.jpg 809w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/8-12-768x441.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 809px) 100vw, 809px"></p>
<p>राज्य खाद्य व अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा में बदलाव होगा।कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समिति बनाकर समीक्षा करने के निर्देश दिए। राशन विक्रेताओं को 39 करोड़ रुपये का लाभांश जारी होगा।</p>
<p>प्रदेश में एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड की अधिकतम आय सीमा जल्द संशोधित की जाएगी। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने अधिकारियों को इसके निर्देश दिए। उन्होंने कहा, राशन विक्रेताओं का 39 करोड़ रुपये का बकाया लाभांश एक सप्ताह में जारी कर दिया जाएगा।</p>
<p>मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा बैठक में कहा कि राशन कार्ड बनाने के न्यूनतम आय मानक काफी पुराने हो चुके हैं। इससे लोगों को कार्ड बनवाने में परेशानी हो रही है। उन्होंने अधिकारियों को एक समिति बनाकर इन मानकों की समीक्षा करने को कहा। समिति में सभी जिला पूर्ति अधिकारियों के सुझाव भी शामिल किए जाएंगे।</p>
<p>केंद्र सरकार से हाल ही में 39 करोड़ रुपये का बजट प्राप्त हुआ है। इसी के तहत नवंबर से जो लाभांश बकाया है उसे जारी किया जाएगा। बैठक में प्रमुख सचिव एल फैनई, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, अपर आयुक्त पीएस जंगपांगी, राशन विक्रेता संगठन के अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी आदि मौजूद रहे।</p>
<p><strong>राशन वितरण प्रणाली होगी ऑनलाइन<br /></strong>बैठक में राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत लाभांश 50 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये करने की मांग उठाई। इस पर मंत्री ने कैबिनेट में जल्द प्रस्ताव लाने का आश्वासन दिया। राशन विक्रेताओं की मांग पर मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 30 जून तक राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन किया जाए। इससे मैन्युअल रजिस्टर रखने की व्यवस्था समाप्त हो जाएगी। राशन कार्ड बनाने के लिए एक नए सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जा रहा है। कर्मचारियों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए जल्द प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के लिए केंद्र से दो प्रशिक्षक बुलाए गए हैं।</p>
<p><strong>चारधाम यात्रा और गैस आपूर्ति<br /></strong>बैठक में चारधाम यात्रा को देखते हुए भी विशेष निर्देश दिए गए हैं। सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को अगले तीन माह का राशन जल्द दुकानों तक पहुंचाने को कहा गया है। इससे राशन वितरण में कोई देरी नहीं होगी। एलपीजी गैस आपूर्ति की समीक्षा करने के बाद मंत्री ने बताया। प्रदेश में घरेलू और व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति अब पूरी तरह नियमित है। कहीं से भी गैस की कमी की कोई शिकायत नहीं है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>सीएम योगी का आज कानपुर दौरा, प्राकृतिक खेती को मिलेगी नई दिशा</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160856/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 09:34:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[उत्तर प्रदेश]]></category>
		<category><![CDATA[राज्य]]></category>
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					<description><![CDATA[मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कानपुर के करीब चार घंटे के दौरे पर रहेंगे। उनका मुख्य कार्यक्रम सीएसए में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके बाद, वे एचबीटीयू में कानपुर मंडल की विकास परियोजनाओं, विशेषकर सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे। कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार यानी आज &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="784" height="462" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-20.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-20.jpg 784w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/3-20-768x453.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 784px) 100vw, 784px"></p>
<p>मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज कानपुर के करीब चार घंटे के दौरे पर रहेंगे। उनका मुख्य कार्यक्रम सीएसए में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर केंद्रित है। इसके बाद, वे एचबीटीयू में कानपुर मंडल की विकास परियोजनाओं, विशेषकर सड़कों और पुलों के निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक करेंगे।</p>
<p>कानपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार यानी आज करीब तीन घंटे 50 मिनट के दौरे पर शहर आएंगे। उनका दौरा प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और विकास परियोजनाओं की समीक्षा पर केंद्रित रहेगा। उनके आगमन के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (सीएसए) में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया।</p>
<p>मुख्यमंत्री सीएसए में प्राकृतिक खेती विषयक प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। इसमें किसानों, कृषि वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों की ओर से लगाए गए स्टॉलों पर तकनीक, नवाचार और खेती के नए मॉडल की जानकारी लेंगे। इसके बाद सीएसए सभागार में प्राकृतिक खेती कार्यशाला में इसे बढ़ावा देने, किसानों की आय बढ़ाने और रासायनिक खेती के विकल्पों पर चर्चा करेंगे।</p>
<p><strong>किसानों से संवाद भी कर सकते हैं सीएम<br /></strong>कार्यशाला में जिले के करीब 600 किसानों को शामिल किया जाएगा। इसके लिए कृषि विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सीएम किसानों से संवाद भी कर सकते हैं। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस जाएंगे। इसके बाद वह एचबीटीयू स्थित संयुक्त आयुक्त उद्योग सभागार में लोक निर्माण विभाग की परियोजनाओं की मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे।</p>
<p><strong>परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी<br /></strong>इसमें कानपुर मंडल की सड़कों, पुलों, मार्ग चौड़ीकरण और अन्य निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा होगी। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी संबंधित विभागों को जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं।</p>
<p><strong>मुख्यमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम</strong></p>
<p>11:45 बजे- सीएसए हेलीपैड पर आगमन<br />11:55 से 12:10 बजे- प्राकृतिक खेती प्रदर्शनी का अवलोकन।<br />12:15 से 1:15 बजे- प्राकृतिक खेती कार्यशाला में सहभागिता।<br />1:20 से 2:20 बजे- सीएसए गेस्ट हाउस में आरक्षित समय।<br />2:25 से 3:25 बजे- एचबीटीयू में समीक्षा बैठक।<br />3:35 बजे- हेलीकॉप्टर से लखनऊ के लिए प्रस्थान।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>स्मार्ट पोर्ट्स की दिशा में पहल: आईपीए और अनुवादिनी ए.आई. की रणनीतिक साझेदारी</title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160854/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:35:00 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[देश-विदेश]]></category>
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					<description><![CDATA[भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने भारत के पत्तन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. एक ऐतिहासिक समझौता जो देश भर में स्मार्ट, प्रौद्योगिकी-संचालित बंदरगाहों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता हैडिजिटल नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारतीय पत्तन संघ &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="796" height="564" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/1-26.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/1-26.jpg 796w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/1-26-768x544.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 796px) 100vw, 796px"></p>
<p>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने भारत के पत्तन क्षेत्र में डिजिटल बदलाव को गति देने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए. एक ऐतिहासिक समझौता जो देश भर में स्मार्ट, प्रौद्योगिकी-संचालित बंदरगाहों की दिशा में मार्ग प्रशस्त करता है<br />डिजिटल नवाचार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) और अनुवादिनी ए.आई. ने एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो प्रौद्योगिकी की शक्ति के माध्यम से भारत के पत्तन क्षेत्र को रूपांतरित करने में सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत है।</p>
<p>यह समझौता ज्ञापन भारतीय पत्तन संघ के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल, आई.ए.एस., और अनुवादिनी ए.आई. के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर के बीच हस्ताक्षरित हुआ। यह साझेदारी आई.पी.ए. की संस्थागत मजबूती और अनुवादिनी ए.आई. की तकनीकी विशेषज्ञता को एक साथ लाकर स्मार्ट बंदरगाह संचालन के एक नए युग की शुरुआत करती है।</p>
<p>इस समझौते की शर्तों के अनुसार, दोनों संगठन कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.), बिजनेस इंटेलिजेंस (बी.आई.), डिजिटल इंटेलिजेंस (डी.आई.) और उन्नत अनुवाद प्रौद्योगिकियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। इस साझेदारी में भारत के पत्तन क्षेत्र के लिए विशेष रूप से तैयार प्रशिक्षण कार्यक्रम, सलाहकार सेवाएं और व्यापक डिजिटल रूपांतरण पहलें भी शामिल होंगी।</p>
<p>इस अवसर पर बोलते हुए, भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) के प्रबंध निदेशक श्री विकास नरवाल, आई.ए.एस. ने कहा, “यह समझौता ज्ञापन भारत के बंदरगाहों के आधुनिकीकरण के लिए अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अनुवादिनी ए.आई. के साथ साझेदारी करके, हम एक कुशल, बुद्धिमान और भविष्य के लिए तैयार पत्तन तंत्र के निर्माण की दिशा में एक निर्णायक कदम उठा रहे हैं।”</p>
<p>अनुवादिनी ए.आई. के सीईओ डॉ. बुद्धा चंद्रशेखर ने इस सहयोग पर अपना उत्साह व्यक्त करते हुए कहा, “भारतीय पत्तन संघ के साथ इस परिवर्तनकारी यात्रा में साझेदार बनकर हम सम्मानित महसूस कर रहे हैं। अनुवादिनी ए.आई. भारतीय बंदरगाहों की परिचालन क्षमताओं और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के लिए ए.आई. और डिजिटल प्रौद्योगिकियों की सर्वोत्तम क्षमताओं का उपयोग करने के लिए प्रतिबद्ध है।”</p>
<p>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) भारत के सभी प्रमुख बंदरगाहों का प्रतिनिधित्व करने वाली एक शीर्ष संस्था है। इस समझौता ज्ञापन के माध्यम से, आई.पी.ए. और अनुवादिनी ए.आई. का लक्ष्य ऐसे समाधान विकसित करना और लागू करना है जो न केवल बंदरगाह की कार्यक्षमता और कार्गो प्रबंधन में सुधार करेंगे, बल्कि उन्नत अनुवाद प्रौद्योगिकियों के माध्यम से भाषा और संवाद की बाधाओं को भी दूर करेंगे, जो एक बहुभाषी और विविधतापूर्ण समुद्री परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण कारक है।</p>
<p>यह सहयोग भारत के वैश्विक समुद्री केंद्र बनने के दृष्टिकोण को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जो राष्ट्रीय समुद्री विकास कार्यक्रम और डिजिटल इंडिया के व्यापक एजेंडे के अनुरूप है।</p>
<p><strong>भारतीय पत्तन संघ (आई.पी.ए.) के बारे में<br /></strong>भारतीय पत्तन संघ भारत सरकार द्वारा स्थापित एक शीर्ष संस्था है जो सभी प्रमुख बंदरगाहों के लिए एक साझा मंच के रूप में कार्य करती है। आई.पी.ए. भारत के प्रमुख पत्तन ट्रस्टों में शोध, विकास और नीति समन्वय को सुगम बनाती है, तथा समुद्री क्षेत्र में परिचालन उत्कृष्टता और सतत विकास की दिशा में कार्य करती है।</p>
<p><strong>अनुवादिनी ए.आई. के बारे में<br /></strong>अनुवादिनी ए.आई. एक प्रौद्योगिकी-संचालित संगठन है जो ए.आई. अनुवाद प्रौद्योगिकियों और डिजिटल रूपांतरण समाधानों पर केंद्रित है। यह फाउंडेशन समावेशी और कुशल विकास के लिए डिजिटल उपकरणों की क्षमता का उपयोग करने हेतु सरकारी निकायों, संस्थानों और उद्योगों के साथ काम करता है।</p>
</div>
]]></content:encoded>
					
		
		
			</item>
		<item>
		<title>क्या आपको भी होता है किडनी के पास दर्द? </title>
		<link>https://badaltaswarup.com/NewsArticle/160852/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 18 Jun 2026 06:34:59 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[सेहत]]></category>
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					<description><![CDATA[किडनी कैंसर और किडनी स्टोन दोनों ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं। हालांकि, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से बिना डॉक्टरी जांच के इनमें फर्क कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है। एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल &#8230;]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<div><img loading="lazy" width="1073" height="549" src="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-19.jpg" class="webfeedsFeaturedVisual wp-post-image" alt="" style="display: block; margin: auto; margin-bottom: 5px;max-width: 100%;" link_thumbnail="" decoding="async" srcset="https://badaltaswarup.com/wp-content/uploads/2026/06/3-19.jpg 1073w, https://amarrashtra.com/wp-content/uploads/2026/06/3-19-768x393.jpg 768w" sizes="auto, (max-width: 1073px) 100vw, 1073px"></p>
<p>किडनी कैंसर और किडनी स्टोन दोनों ही किडनी से जुड़ी बीमारियां हैं। हालांकि, ये दोनों बिल्कुल अलग-अलग समस्याएं हैं, लेकिन इनके कुछ लक्षण एक जैसे हो सकते हैं। इसी वजह से बिना डॉक्टरी जांच के इनमें फर्क कर पाना कई बार बहुत मुश्किल हो जाता है।</p>
<p>एंड्रोमेडा कैंसर अस्पताल की कंसल्टेंट (रेडिएशन ऑन्कोलॉजी) डॉ. पर्ल आनंद के अनुसार, इन दोनों बीमारियों के अंतर को समझना बेहद जरूरी है, ताकि समय रहते सही इलाज मिल सके। आइए, आज World Kidney Cancer Day के मौके पर जानते हैं कि आप किडनी स्टोन और किडनी कैंसर के बीच का फर्क कैसे पहचान सकते हैं।</p>
<p><strong>किडनी स्टोन क्या है और कैसे दिखते हैं इसके लक्षण?<br /></strong>किडनी स्टोन असल में मिनरल्स और नमक के ठोस टुकड़े होते हैं, जो किडनी के अंदर बन जाते हैं।</p>
<p>जब किसी को पथरी होती है, तो उसे पीठ, कमर के साइड में या पेट के निचले हिस्से में अचानक और बहुत तेज दर्द होता है। यह दर्द लहरों की तरह आता-जाता रहता है। इसके अलावा कुछ और लक्षण भी दिख सकते हैं, जैसे:</p>
<p>जी मिचलाना और उल्टी आना।<br />पेशाब करते समय जलन महसूस होना।<br />पेशाब में खून आना।</p>
<p>अगर पथरी छोटी है, तो वह अक्सर अपने आप पेशाब के रास्ते बाहर निकल जाती है, लेकिन बड़ी पथरी के लिए मेडिकल ट्रीटमेंट की जरूरत पड़ती है।</p>
<p><strong>किडनी कैंसर कैसे अलग है?<br /></strong>दूसरी तरफ, किडनी कैंसर तब होता है जब किडनी में असामान्य कोशिकाएं अनियंत्रित होकर तेजी से बढ़ने लगती हैं।</p>
<p>सबसे ध्यान देने वाली बात यह है कि शुरुआती स्टेज में किडनी कैंसर का कोई भी लक्षण दिखाई नहीं देता। कई बार तो इसका पता अचानक तब चलता है, जब किसी और वजह से इमेजिंग टेस्ट करवाए जाते हैं। जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, ये लक्षण सामने आ सकते हैं:</p>
<p>पेशाब में खून आना।<br />कमर के साइड या पीठ के निचले हिस्से में लगातार दर्द रहना।<br />बिना किसी कारण के वजन कम होना।<br />बहुत ज्यादा थकान और बुखार रहना।<br />पेट में किसी गांठ का महसूस होना।</p>
<p><strong>दर्द से समझें दोनों के बीच का सबसे बड़ा अंतर<br /></strong>अगर आप कन्फ्यूज हैं, तो ‘दर्द का तरीका’ दोनों के बीच एक बहुत बड़ा अंतर बता सकता है:</p>
<p>पथरी का दर्द: यह एकदम अचानक उठता है, बहुत तेज होता है और रुक-रुक कर आता है।<br />कैंसर का दर्द: यह दर्द हल्का, लेकिन लगातार बना रहता है, और समय के साथ धीरे-धीरे बढ़ता जाता है।</p>
<p>यह सच है कि पेशाब में खून दोनों ही बीमारियों में आ सकता है, लेकिन अगर इसके साथ बिना किसी कारण के तेजी से वजन गिर रहा है और लगातार थकान बनी हुई है, तो यह कैंसर का इशारा हो सकता है।</p>
<p><strong>सही जांच है बेहद जरूरी<br /></strong>चूंकि दोनों बीमारियों के कई लक्षण आपस में मिलते-जुलते हैं, इसलिए अगर आपको पेशाब से जुड़ी कोई भी लगातार बनी रहने वाली समस्या हो या पेशाब में खून दिखे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें।</p>
<p>डॉक्टर सही बीमारी का पता लगाने के लिए अल्ट्रासाउंड, सीटी स्कैन और लेबोरेटरी टेस्ट की मदद लेते हैं। सही जांच के बाद ही वह आपको एक सही इलाज की सलाह दे सकते हैं।</p>
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